1

5 Simple Techniques For baglamukhi kavach

News Discuss 
पिबन्ति शोणितं तस्य योगिन्य: प्राप्य सादरा:। इति श्रीविश्वसारोद्धारतन्त्रे पार्वतीश्वरसंवादे बगलामुखी कवचम्‌ सम्पूर्णम्‌ धृत्वा राजपुरं ब्रजन्ति खलु ये दासोऽस्ति तेषां नृपः।। (३८) माँ के वरदान स्वरूप पाठ करने वाले जातक की वाणी गद्य और पद्य मयी हो जाती है। नवजात शिशु से मिलने जाते समय कवच को उतार कर जाए। https://free-kundli60356.pages10.com/the-ultimate-guide-to-baglamukhi-kavach-61177942

Comments

    No HTML

    HTML is disabled


Who Upvoted this Story