हे हनुमान सादर, भय विनाशक, सुख प्रदान करें। बुद्धिर्बलं यशो धैर्यं निर्भयत्वमरोगिता। फिर पूर्व दिशा की ओर मुख करके आसन ग्रहण करें। अनुष्ठान की विधि: इसमें विशेष सामग्री जैसे सिंदूर, फूल, दीपक, या यंत्रों का उपयोग किया जाता है। This has very long been a good astrological way to advertise https://bookmark-media.com/story19098329/krishna-options